बारह ज्योतिर्लिंग

   
          "बारह ज्योतिर्लिंग "
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रोम-रोम सोमनाथ जपे, जपे अंग-अंग मल्लिकार्जुन शिव।
शिव शंभू, शिव शंभू जपे, जपे जय जय शिव शंकर।।

हृदय महाकालेश्वर शिव जपे, जपे ओंकारेश्वर शिव ।
शिव शंभू, शिव शंभू जपे, जपे जय जय शिव शंकर।।

आती श्वांस वैद्यनाथ जपे, जपे जाती भीमशंकर शिव ।
शिव शंभू, शिव शंभू जपे, जपे जय जय शिव शंकर।।

एक आंख रामेश्वर नाथ जपे, जपे एक नागेश्वर शिव
शिव शंभू, शिव शंभू जपे, जपे जय जय शिव शंकर।।

भृकुटी मध्य विश्वनाथ जपे, जपे त्रंबकेश्वर  शिव।
शिव शंभू, शिव शंभू जपे, जपे जय जय शिव शंकर।।

ब्रह्मण्ड केदारनाथ जपे, जपे घुश्मेश्वर नाथ शिव। 
शिव शंभू, शिव शंभू जपे, जपे जय जय शिव शंकर।।

                                        कल्याण सिंह चौहान "दिल"                    

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