खुद तेरी

 खुद तेरी 
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खुद तेरी, खुद तेरी, 
मन मा बसिगे, दिल मा रचिगे। खुद तेरी ----

कन कै बिसरौंऊं, कै मा बिसरौंऊं,
उमाळ मन की, कौन सौ दिल की,
मन मा बसिगे, दिल मा रचिगे। खुद तेरी ---

बिसरौंदि नी च, भुलेंदि नी च।
औंदि श्वांस, जांदि श्वास।
मन मा बसिगे, दिल मा रचिगे। खुद तेरी ---

खांदु-पेंदू, उठदु-बैठदू।
भरभरांदि आग, घुट-घुट बडुळी।
मन मा बसिगे, दिल मा रचिगे। खुद तेरी ---

      कल्याण सिंह चौहान "दिल"

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